सरसों पर पीलिमा छाई वायुदेव बयार चलाने लगे। सरसों पर पीलिमा छाई वायुदेव बयार चलाने लगे।
हरियाली रूपी ओढ़ काम्बली आ गए महंत बसंत जी...! हरियाली रूपी ओढ़ काम्बली आ गए महंत बसंत जी...!
बहार के आने से, ये सूना बाग़ हुआ गुलज़ार, पाखी की, ये कलरव सुनी, भंवरों की गुन्जार! बहार के आने से, ये सूना बाग़ हुआ गुलज़ार, पाखी की, ये कलरव सुनी, भंवरों की गु...
देखो-देखो यारों, तन-मन को हर्षाने, कारै-कारै बदरा, संग सावन आवै है...! देखो-देखो यारों, तन-मन को हर्षाने, कारै-कारै बदरा, संग सावन आवै है...!
कहने को कुछ नही था पर समझने को बहुत कुछ था जो शायद कहने से नही समझाया जा सकता था कहने को कुछ नही था पर समझने को बहुत कुछ था जो शायद कहने से नही समझाया जा सकता था
एक बालक की जिज्ञासा है जिसमें वह अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए अपने अबोध मन को समझाने की कोशिश करता है... एक बालक की जिज्ञासा है जिसमें वह अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए अपने अबोध मन को समझ...