शक्ति
शक्ति
1 min
173
जगत जननी आराध्य दुर्गा सर्व शक्ति दायनी है
सरल निर्मल भक्त हेतु सुख समृद्धि दायनी है।
स्नेह, समर्पण भाव से माता हमेशा प्रसन्न होती है
ज्योति से जगमग जीवन का पवित्र वरदान देती है।
संसार की हर नारी में माता की छवि मिलती है
दुनिया की सर्जन हार है, सृष्टि उनसे ही चलती है।
मां की भक्ति संग नारी को सम्मानित करना है
उसकी अपार शक्तियों को हमें नमन करना है।
माँ का पूजन वंदन करते हैं, शीश हम झुकाते हैं
कष्ट दुनिया से मिटा दो, ऐसा अनुग्रह करते हैं।
कोई कहीं दुष्कर्म न हो, ऐसी सद्बुद्धि सब को दो
सुलह, शांति के लिए प्रार्थना तुमसे ही करते हैं।
