शिव भक्ति (घनाक्षरी छंद)
शिव भक्ति (घनाक्षरी छंद)
1 min
192
कर ले शिव की भक्ति, मिलती मन को शक्ति।
प्रचंड प्रवाही गंगा, जटा में धारण करे।
शिव अजर अमर, शिव सत्य व सुंदर।
मन निर्मल कर दे, जो चंद्र भाल धरे।
शिव ही है अविनाशी, शिव में है जगवासी।
शिव सहज सरल, धरा के कष्ट हरे।
शिव से ही हो आसक्ती, शिव से प्राणी को मुक्ति।
शिव विकारों को हर, गरल पान करे।
