प्यारा बचपन
प्यारा बचपन
1 min
412
जीवन का एक सार हो तुम ।
खुशियों का आधार हो तुम।।
तुमसे चलती हर धड़कन ।
तुम हो हम सब का बचपन।।
खेल खिलौनों की दुनिया में बचपन सबसे प्यारा है।
डर, दुख, और द्वेष से, ये तो बिलकुल न्यारा है।
ना यह जाने रीति रिवाज ,ना यह जाने धर्म जात।
यह तो जाने संग खेलना यह तो जाने मीठी बात।।
बचपन का एक एक पल जीना आज भी सबको याद है।
फिर से बचपन मिल जाए, यह सब की फरियाद है।
बचपन तुमको नमन है मेरा, तुम यूं ही खेल खिलाते रहना ।
तुम जीना बहुत ही मस्ती में, सबको संग मिलाते रहना।।
