पुरूष होना
पुरूष होना
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पुरुष होना भी आसान नहीं होता है
घर परिवार के जिम्मेदारियों के बीच में,
ज़िन्दगी भर ही वह भी तो पिसता है
सबको खुश रखने के चक्कर में,
अपनी छोटी-छोटी खुशियों को
कुर्बान करना पड़ता है
पैसे कमाने के जद्दोजहद में
उनको लगना ही पड़ता है
रिश्तों के चक्रव्यूह में वह भी घिरा रहता है
लड़के हो तुम रो नहीं सकते,
भावनाओं को छुपाना सीखना पड़ता है
इस सब में कब वह कठोर बन जाता है
उसे खुद को भी पता नहीं चलता है
सच में! पुरुष होना भी आसान नहीं होता है
