प्रार्थना
प्रार्थना
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हे प्रथम पूज्य गौरी नंदन !
कर जोड़ करें तुमको वंदन।
हे विघ्नविनाशक, लंबोदर !
अपनी भक्ति का देना वर।
हे बुद्धि प्रदाता ! प्रज्ञा देना,
उर के सारे ताम हर लेना।
हे सिद्धिविनायक ! सुखकारी,
हर विपदा तुमने ही टारी।
हे नाथ ! भाव करूँ अर्पित मैं,
करूँ हृदय पुष्प समर्पित मैं।
हे दाता ! भूल क्षमा करना,
बस वरदहस्त सर पर धरना।
