हे दाता ! भूल क्षमा करना, बस वरदहस्त सर पर धरना। हे दाता ! भूल क्षमा करना, बस वरदहस्त सर पर धरना।
हां तुम खुदा ना सही, पर कम उससे बिलकुल भी नहीं हां तुम खुदा ना सही, पर कम उससे बिलकुल भी नहीं
मृग तृष्णा समदर्शी सपना , भव ऐसा बुद्धों का कहना। मृग तृष्णा समदर्शी सपना , भव ऐसा बुद्धों का कहना।
मेरी खुशियों से ही तुम खुश होकर रह ले मेरी खुशियों से ही तुम खुश होकर रह ले