फिर याद रहे बसन्त हमारे
फिर याद रहे बसन्त हमारे
1 min
175
साथ चले जब मौसम राही
कभी बदल गए मौसम यही
फिर याद रहे वसंत हमारे ।।
बचपन की वो लोरी सुन कर
नानी,दादी की वही कहानी
ठंडी ठंडी पवन पुरवईया
फिर याद रहे वसंत हमारे ।।
खेतों की वो मीठी खुशबू मन में
जब याद करे चले गली मोहल्ले में
गाँव की वो वो यादें लेकर
भले चले शहर में बातें
फिर याद रहे वसंत हमारे ।।
