पेड़ और प्रकृति
पेड़ और प्रकृति
1 min
201
पेड़ प्रकृति का अनुपम वरदान है
उसकी वंदना करते हैं
धरती को स्वर्ग बनाते हैं
आओ पेड़ लगाते हैं।
हरियाली से लिपटे पहाड़
पेड़ों के पहरों में हैं।
घने घने जंगलों में
पेड़ों का ही राज है।
पेड़ जो कट जाएँगे
दर्द हम ही पायेंगे
वर्षा हमें रुलाएगी
ऋतुएं सारी रूठ जाएंगी।
मुसाफिर छाया को तरसेंगे
पक्षी घर कहाँ बनाएंगे!
फल फूलो की महक न आएगी
सुन्दर सृष्टि सांस नहीं ले पाएगी।
आज वचन हम लेते हैं
वादा सबसे करते हैं
धरा का कर्ज चुकाते हैं
आओ पेड़ लगाते हैं।
