STORYMIRROR

Kishore Kumar

Others

3  

Kishore Kumar

Others

नव वसंत का स्वागत

नव वसंत का स्वागत

1 min
237


मन कहीं जा कर रूका है

वो मिलन वासंती आई है

तरुवर पर नव पुलकित है

अरुणोदय के साथ वासंती है।


ॠत की रानी, राजा के संग

फिर उमंग भरी छायी है

मधुप, मधुरेश पान किया

अरुणेश संग धरा पर आई है।


रजनी बीती, उषा हुई

नभ नई किरण में नहाई है 

पुष्प-गुच्छों का मधुर मिलन 

ली वसंत ने अंगड़ाई है।


अपलक नयन, सुमन पर ठहरी 

मुस्काती आपस लिपटी है 

मदमाती सुगंध लिए 

नव वसंत का स्वागत करती है।




Rate this content
Log in