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MS Mughal

Romance Classics Fantasy

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MS Mughal

Romance Classics Fantasy

नाज़ ओ अंदाज़

नाज़ ओ अंदाज़

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ये नाज़ ओ अंदाज़ हमारे नहीं होते 

अगरचे हम आप के दीवाने नहीं होते 


जो आ रही है, शम्मामा अंबर ओ उद

दीवानगी में मेरे अब ठिकाने नहीं होते 


तेरे आस्ताँ से जो कर ली निबाह मैने

आरज़ू ए दिल जो तूने संवारे नहीं होते


निगाह जो देखी सो खो गए कहीं होंश 

शाशा ए नूर ए हुस्न परीखाने नहीं होते


क्या खूब ये रक़्स ओ सुरूद है 'हसन' 

कि मुहब्बत के कोई पैमाने नहीं होते।।


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