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Zeba Rasheed

Others

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Zeba Rasheed

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मैने चाहा

मैने चाहा

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कभी नहीं चाहा मैंने

अपनी हरकतों का

जाल बुन कर

समेट लूं

अपनी त्रिज्या में

तुम्हें।


मैने तो चाहा

जीवन प्रक्रिया में

एक लगाव

बनी रहे

अनु गुंजन

नेह की।



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