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Zeba Rasheed

Others

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Zeba Rasheed

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हया

हया

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बेटियां वो बड़ी बदनसीब होती है

जिन्हे माँ से तहजीब नहीं मिलती।


भूल रहे है हम अपनी तहजीब

दौर ए फैशन में अब

हया नहीं मिलती।

सर व शानों से गायब है ओढ़नी


अब कोई स्कूल में

तहजीब नहीं मिलती।

बेहयाई छाई है चारों तरफ

अब माँ के पासभी हया नहीं मिलती।



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