मासूम बचपन
मासूम बचपन
1 min
371
उसकी मासूम सी बातें
जाने कैसा जादू करती है
उसके संग संग मैं भी
बच्चा बन के रहती हूं,
अपने बीते बचपन से
उसके बचपन से मिलती हूं
वो रोता है,संग रोती हूं,
उसके संग संग हंसती हूं
बागों में उसके संग में
तितलियों को पकड़ती हूं
मां के साथ साथ मैं बेटे की
दोस्त बन कर रहती हूं।
