Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Dheerja Sharma

Others

4.9  

Dheerja Sharma

Others

लम्हे खर्च हो गए

लम्हे खर्च हो गए

1 min
349


ज़िन्दगी से लम्हे चुरा

पर्स मे रखती रही

फुरसत से खरचूंगी

बस यही सोचती रही।

उधड़ती रही जेब

करती रही तुरपाई

फिसलती रही खुशियाँ

करती रही भरपाई।

इक दिन फुरसत पायी

सोचा, खुद को आज रिझाऊं

बरसों से जो जोड़े

वो लम्हे खर्च आऊं।

खोला पर्स..लम्हे न थे

जाने कहाँ रीत गए!

मैंने तो खर्चे नही

जाने कैसे बीत गए !!

फुरसत मिली थी सोचा

खुद से ही मिल आऊं।

आईने में देखा जो

पहचान ही न पाऊँ।

ध्यान से देखा

बालों पे चांदी सी चढ़ी थी,

थी तो मुझ जैसी

जाने कौन खड़ी थी।!!!.


Rate this content
Log in