STORYMIRROR

mamta pathak

Others

3  

mamta pathak

Others

कलम और प्रेम

कलम और प्रेम

1 min
260

मैं लिखती हूँ जितना

टूटे मन की कविताएं 

उतना ही लिखती हूँ

प्रेम को भी 

मैं प्रेम के प्रेम को

और प्रेम की पीड़ा को

दोनों को महसूस करती हूँ

लेकिन मुझे, प्रेम के प्रेम से कहीं ज्यादा

प्रेम की पीड़ा का प्रेम गहरा लगता है

इसलिए कलम चुनती है गहरे प्रेम को!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन