STORYMIRROR

खुशियों का आशीयाना

खुशियों का आशीयाना

1 min
577


कितने भी दुख आए जीवन में

कभी गम न करना


गम के साए में रहकर भी

आँखें नम न करना


गुजरे सुनहरे लम्हों से

एक लम्हा चुरा लेना


नम हुई आँखों से बस

थोड़ा मुस्कुरा लेना


तुम्हारी एक मुस्कुराहट से

सारे रिश्ते मह्कायेंगे


एक पल के लिए ही सही

सारे दर्द भूल जाएँगे


समय का पहिया है

इसे चलते जाना है


आज गमों का बसेरा है

कल खुशी का आशीयाना है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन