जुगनू
जुगनू
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चमचम करती जुगनू आती
घनी अंधेरी रात में
सुंदर लगती मन को भाती
लाती ज्योति साथ में
कैसी यह चीज़ अनोखी
मैं तो समझ न पाता हूँ
सुंदर इतनी लगती मुझको
मैं कुछ कह नहीं पाता हूँ
जुगनू इसको कहते सब हैं
पर यह रात की रानी है
इसको ध्यान से देखो समझो
इसकी अजब कहानी है
विधि ने इसे बनाया सुंदर
यही तो इसका राज़ है
देख के इसको मन है गाता
भले नहीं कोई साज है।
