छिड़ी एक जंग जो राजा संभाल ना पाया... अपनी प्यारी मोहब्बत को बचा ना पाया... छिड़ी एक जंग जो राजा संभाल ना पाया... अपनी प्यारी मोहब्बत को बचा ना पाया...
कहानी जो आज भी जीवंत है कहानी जो आज भी जीवंत है
कुछ मुकम्मल ख्वाब, पर अधूरे होने पर नाज़ भी हैं, उस पुरानी डायरी की धूल की कसम, आहटें आज भी हैं। कुछ मुकम्मल ख्वाब, पर अधूरे होने पर नाज़ भी हैं, उस पुरानी डायरी की धूल की कसम, ...
"ख़ामोशी एक ज़ुबा" जो समझ सकता कोई,तो शायद ये दिल ना, रोता अकेले बैठ यूँ ही। "ख़ामोशी एक ज़ुबा" जो समझ सकता कोई,तो शायद ये दिल ना, रोता अकेले बैठ यूँ ही।
फिर से नए सवेरे के साथ चलेंगे एक नए उल्लास या किसी द्वन्द की ओर। फिर से नए सवेरे के साथ चलेंगे एक नए उल्लास या किसी द्वन्द की ओर।
यह कविता एक ऐसी रानी की है जो कभी देवदासी हुआ करती थी। किस तरह रानी बनने के बाद एक 'रानी' की मर्यादा... यह कविता एक ऐसी रानी की है जो कभी देवदासी हुआ करती थी। किस तरह रानी बनने के बाद ...