जादू मंतर हुआ
जादू मंतर हुआ
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तेरी नजरों से क्या जादू-मन्तर हुआ ।
एक कतरा गिरा औ समन्दर हुआ ।।
खूबसूरत ग़जल हो गयी जिंदगी ;
तुम मिले तो मुकद्दर भी शायर हुआ ।
अश्क बनके लहू आ गया आँख से ;
जाने क्या हादसा दिल के अंदर हुआ ।
जिससे दरिया दिली की तमन्ना रही ;
सबके अंदर वो इंसान पत्थर हुआ ।
