STORYMIRROR

Dr. Saroj Acharya

Others

4  

Dr. Saroj Acharya

Others

इतिहास वाली डिबिया

इतिहास वाली डिबिया

1 min
373

अपने बचे हुए दिन

मैंने

एक डिबिया में बंद कर दिए हैं

रोज एक एक कर के 

देखती हूं

गिनती हूँ

जाने क्या पहले ख़त्म हो

दिखना या

गिनना

कैसा लगता है

अपने आप को इतिहास 

होते देखना

खुशनुमा से कुछ पुराने दिन भी

आवाज़ देते है

मुड़ के देखूँ या 

इंतज़ार करूँ

सुना हैं इतिहास दोहराता है

अपने आप को!


Rate this content
Log in