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सिर्फ तुम्हारा ही, अधिकार होगा किसी संशय की कल्पना भी,रहने दो। सिर्फ तुम्हारा ही, अधिकार होगा किसी संशय की कल्पना भी,रहने दो।
जब मिलना ही न था हम बस मिलते रहे अल्फ़ाज़ों के साथ जब मिलना ही न था हम बस मिलते रहे अल्फ़ाज़ों के साथ
और उस तपिश में आँखों से मुस्कुराना और दिल से सोचना वो थी न बस ! और उस तपिश में आँखों से मुस्कुराना और दिल से सोचना वो थी न बस !
क्या तुम अंतरिक्ष हो मेरे भीतर के, जिसमें गुम हूँ मैं! क्या तुम अंतरिक्ष हो मेरे भीतर के, जिसमें गुम हूँ मैं!
कुछ दर्प से भरी कुछ आज़माइश के लिए मैंने कहा, प्यार दे दो! कुछ दर्प से भरी कुछ आज़माइश के लिए मैंने कहा, प्यार दे दो!
अपने बचे हुए दिन मैंने एक डिबिया में बंद कर दिए हैं! अपने बचे हुए दिन मैंने एक डिबिया में बंद कर दिए हैं!
जिस पर लिखा था बहुत प्यार के साथ *तुम्हारा* जिस पर लिखा था बहुत प्यार के साथ *तुम्हारा*
कुछ एहसासों के पत्ते ज़हरीले भी थे जलन दे गए उम्र भर को। कुछ एहसासों के पत्ते ज़हरीले भी थे जलन दे गए उम्र भर को।
मैं उंगलियों की पोरों से देख देख कर पढ़ती रही मैं उंगलियों की पोरों से देख देख कर पढ़ती रही
एक छोटा सा धूप का टुकड़ा मिला अपनी चादर बिछा, बोला बैठो न एक छोटा सा धूप का टुकड़ा मिला अपनी चादर बिछा, बोला बैठो न