इश्क की दास्तां
इश्क की दास्तां
1 min
269
इश्क की इक नई दास्तां लिखने बैठा हूं
कुछ शब्द ख़ास कुछ अल्फाज़ चुने बैठा हूँ
इक लफ्ज़ जो दिल की धड़कन से भरा है
उसे समझाने के लिए फ़साना बनाने बैठा हूँ
वो जिंदगी का सबसे हसीन लम्हा जिसमें मिलें
उसके एहसासों को शब्दों में बयान करने बैठा हूं
किसी के लिए इश्क़ जीत जैसे होता है
किसी को लिए हार मगर मैं बस प्यार को जानने बैठा हूँ
इश्क की उलझनों से थक कर जब आराम चाहता हूं
कुछ शब्दों की मदद से उसे समझने बैठा हूं।
