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Sujata Kale

Others

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Sujata Kale

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हरी धरती समृद्ध धरती

हरी धरती समृद्ध धरती

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हरा हरा सा आँचल है

हरी हरी सी छाया है 

धरती की शीतल समृद्ध 

संसार पर मोह माया है 


सींचो जल, सींचो पेड़ 

उगाओ कण कण 

अन्न का कण 


खिलते फूल, खिलते फल 

और महकाओ धरती का कल 


बूँद बूँद से रस टपके 

हर एक जल के कण से 


इस हरी गुल्लक के अंदर 

कण कण जीवन बसने दो 

हरी धरती समृद्ध धरती 

हरीतिमा बन जाने दो।


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