STORYMIRROR

Leena Kheria

Others

3  

Leena Kheria

Others

हॉं.. तुम लड़के हो..

हॉं.. तुम लड़के हो..

1 min
335

चाहे छाये हो गम के बादल या हो

सीने में दर्द का सैलाब

लड़के अपने अश्कों को अपनी ऑंखों में

छुपाना जानते है..


हर हाल हर परिस्थिती में उन्हें तो

बस मुस्कुराना है

लड़के मन ही मन हमेशा से ही ना जाने

क्यूँ ऐसा मानते हैं..


घर-परिवार व समाज का सदा ही

उनको संबल बनना है

प्रचलित सदियों से है सोच यही ये

लड़के बखूबी पहचानते है..


खुलकर जीने व भावनाओं को व्यक्त

करने का हक हो

आईये उन्हें यह अवसर देने का

हम सब ठानते हैं..


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन