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Kumar Sonu

Children Stories Comedy

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Kumar Sonu

Children Stories Comedy

हँसो तो खुल के

हँसो तो खुल के

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जब मैं खुल कर हँसता हूँ।

अच्छा दिखता हूँ।

तुम भी खुल कर हँसा करो।

अच्छे दिखा करो।

दाँत दिखाए बग़ैर हँसी में,

कहाँ मज़ा है यारों।

काला गोरा जो भी हो ।

सब को सफ़ेद दाँत दिए थे यारों।

बल्ली चाचा कहते हैं,

रुको मैं गुटका थूकता हूँ।

दाँत काले हैं तो का हुआ, 

साथ तुम्हारे खुल कर हँसता हूँ।


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