STORYMIRROR

अमित प्रेमशंकर

Others

3  

अमित प्रेमशंकर

Others

हम इंकलाब गाएंगे

हम इंकलाब गाएंगे

1 min
200

इतिहास नया लिखेंगे

एक गीत नया गाएंगे

सीने में ज्वाला भर के

हम इंकलाब गाएंगे

हम इंकलाब गाएंगे।।

माटी से तिलक लगा के

अब सर पे कफ़न सज़ा के

सरहद पे बिगुल बजा के

हम इंकलाब गाएंगे

हम इंकलाब गाएंगे।।

जयघोष विजय का जगा के

अब कुछ करेंगे रण में

दुश्मन को मज़ा चखा के

हम इंकलाब गाएंगे।

हम इंकलाब गाएंगे।।

शीश अपना बलि चढ़ा के

नदिया लहू का बहा के

भारत की लाज बचा के

हम इंकलाब गाएंगे

हम इंकलाब गाएंगे।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन