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Rashmi Lata Mishra

Others

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Rashmi Lata Mishra

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हकीकत या ख्वाब

हकीकत या ख्वाब

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यद्द्पि जीवन क्षण भंगुर है

और माया भी छल है।

इस माया के रिश्तों में

उलझी दुनिया पल-पल है।

कल ही मिले थे उनसे जिनसे

रिश्तों में अनोपचारिकताएँ थीं,कुछ कही कुछ सुनी

सुख वाणियाँ व्यथाएँ थीं।

आज घनघना ई फोन की घंटी

अचानक उनके चले जाने की

खबर मिली

यकीन नही हो रहा,लगता कोई

बुरा ख्वाब है



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