STORYMIRROR

Jalpa lalani 'Zoya'

Others

3  

Jalpa lalani 'Zoya'

Others

गुस्ताखी-ए-जुर्म

गुस्ताखी-ए-जुर्म

1 min
255

हुआ है मलाल  अब  ख़ुद से  नज़रें  चुराने  लगे  वो

करके गुस्ताखी-ए-जुर्म अवाम से मुँह छुपाने लगे वो


बिना  सबूत  सच्चाई  साबित नहीं  होती  अदालत  में

औरों पर इल्ज़ाम लगाके गुनाह पर परदा गिराने लगे वो


झूठ की चीनी मिलाके सच का कड़वा शर्बत पिया नहीं गया

आबेहयात  में  जहर  घोलकर  सबको  पिलाने  लगे  वो


अल्लाह के दर पे सर  झुकाकर  सजदे  में करते है तौबा

होकर बेख़बर ख़ुदा की नज़रों से असरार दफनाने लगे वो।


Rate this content
Log in