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गज़ल

गज़ल

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तेरे कूचे से गुज़र के हमने,

ज़िंदगी ला-जवाब लिखा है


हर इक पल गुजारा सदियों में,

ज़िंदगी बे-हिसाब लिखा है


दिल में है लाखों हसरतें तो,

आँखों में कई खाब लिखा है


ऐ ज़िंदगी आज कल हमने,

तेरा नाम मा-हताब लिखा है


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