गहराई में छिपे राज
गहराई में छिपे राज
1 min
398
कब तलक छिपा पाओगे
तुम अपने राज
गहराइयों में,
एक दिन परते तो
खुल ही जायेगी।
हज़ार मुखौटों में भी
तुम ख़ुद की असलियत
छिपा नहीं पाओगे,
पाक बने हो आज मगर
कल गुनाह सामने आएंगे।
जो गड्ढे तुमनें खोदे हैं
अपनी अमानत रखने को,
वो दिन दूर नहीं तुमसे
जब तुम खुद ही उसमे
दब जाओगे ।
