STORYMIRROR

Asmita prashant Pushpanjali

Others

2  

Asmita prashant Pushpanjali

Others

फ़साने

फ़साने

1 min
267


आसमान मे फैलाके पंख

उड़ चलूं गगन पार

धुंधला धुंधला है नील गगन

झाकूं मै उसपार।


आशाएं है कहीं बंधी

उम्मीदों की डोरी से,

बहारें फ़िर लौट आयेगी

जीवन की इस फुलहारी में ।


हर पल है नया दिन

हर पल है नया साल

हर मौसम है नया नया

हर पल है जीवन का रंगीन समा।


जीवन के हर मोड़पर

साथी कोई नया मिला

जीवन के इक मोड़पर

साथी कोइ बिछड़ चला...


छुटे हुये जमाने

बिझड़े हुये दिल,

ना करना कोई रंजीश

बनते रहेंगे फसाने।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन