STORYMIRROR

Shipra Verma

Others

4  

Shipra Verma

Others

दुपट्टे और परांदे

दुपट्टे और परांदे

1 min
341

पिंड का हरेक दिन होता है

जैसे एक खुशनुमा त्योहार

कारण ये के कोई नहीं अकेला

सब करते हैं सब से प्यार! 


लंबे - लंबे केश कुड़ियों के

एक दूजे की चोटियाँ गुँथवाए

रक्तिम जवा के पुष्प आराधन संग

केशों में भी निखार ले आए! 


सफेद साड़ियों में दो स्त्रियाँ

पानी भरने सर मटका ले जाएं

वहीं दो नारियाँ बैठ कर ताज़ी

सब्जियां काट पकाने जाएं! 


किसी के सर पर लाल दुपट्टा

और कोई सफेद से सर ढकाएं

केश काले हो या चांदी जड़ी

नहीं छोटे बाल स्त्री के नज़र आये! 


दुपट्टे और परांदे देख कर अपनी

संस्कृति और संस्कार याद आये

ये साँझा जीवन स्त्रियों का ही

जीवन को त्यौहार जैसा बनाये! 



Rate this content
Log in