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पौरूष परिहार

Others

5.0  

पौरूष परिहार

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बुढ़ापा

बुढ़ापा

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बुढ़ापा किसे कहते है भाई

जब एक के दे चार दिखाई

होने लगे जब चश्मा लगा कर पढ़ाई

जब दाँत कहे अलविदा मसूड़ों पर हो आजमाईश


लोग खाये चना, तुम्हे सत्तु मिले भाई

बुढ़ापा इसे कहते है भाई

जब हिम्मत दे जवाब शरीर हो लचार

बेबस आँखो को रहे, किसी का इन्तजार


शरीर एक हो मगर रोग हो हजार

कम हो सुख ,दुखों का ज्यादा रहे अंबार

जब कोई कहे एक और सुनाई दे चार

यही तो बुढ़ापा है यार....


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