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Shahana Parveen

Others

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Shahana Parveen

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बसंती हवा

बसंती हवा

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बसंती हवा हूँ, 

साधारण नहीं मैं,

बसंती हवा हूँ।

मेरी चाल मतवाली,

सुंदर प्रकृति की निशानी,

मेरा रूप मतवाला,

बसंती हवा हूँ ।


भंवरे भी डोलते फिरते,

फूल भी मुसकान बिखेरते।

सब जगहा फैली सुगंध, 

कलियों पर आया यौवन,

प्रेम की दीवानी,

मैं हवा मतवाली,

बसंती हवा हूँ।


देखो ना उलझो मुझसे,

ना ही करो मुझे तंग।

रोको नहीं रास्ता मेरा,

छू लेने दो आज गगन।

आज तुम्हारे हाथ मैं, 

नहीं आने वाली।

मैं हवा मतवाली,

बसंती हवा हूँ।



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