STORYMIRROR

usha yadav

Others

3  

usha yadav

Others

बिछड़ना

बिछड़ना

1 min
147

यूं ऐसे बिछड़ कर मत जा 

ऐ जिंदगी…


है बहुत से काम बाकी अभी 

ये कैसा है मोड़ जिंदगी में आया

 

हर पल उदासियां सी यूं छाने लगी 

मुस्कुराते तो हम भी बहुत थे

 

पर वे भी अब जी सा चुराने लगी

लाचार सी हो चली यह जिंदगी 

सभी की।

 

शब्दों को भी अब यूं मैं लिख पाऊं 

काश! वे पल फिर से आए।

 

खुशियों के गाने हम फिर

गुनगुनाए।



Rate this content
Log in