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Pooja Agrawal

Others

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Pooja Agrawal

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बेमानी ऋतु

बेमानी ऋतु

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तुम बसंत की पुरवाई 

तुम सर्दी की धूप

तुम छांव हो ग्रीष्म की 

तुम सावन की बूंद

साथ तुम हो तो हर मौसम रूहानी है

तुम नहीं तो ,हर ऋतु बेमानी है



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