STORYMIRROR

Seema Kulthe

Others

4  

Seema Kulthe

Others

बादल

बादल

1 min
775

आज बादल बरसने वाले हैं शायद 

आज बादल गरजने वाले हैं शायद 

आज ये मिट्टी अपने आप को 

बारिश के प्यार में भिगोने वाली हैं शायद 


बस आजा बादल झूम के 

इस मिट्टी कि प्यास बुझा दे

और हमारे सूखें दिलों को भी 

थोड़ा सा प्यार सिखा दे


वो मिट्टी कि ख़ुशबू 

वो पंछियों का गाना 

याद दिलाता है वो प्यार भरा अफ़साना 

उन भीगतीं शरमाती आंखों का

बस एक बार दीदार करा दे


वो मोर बैठा ताक लगाये

असमां से आस लगाए 

वो जो खेत सूखे पड़े हैं 

वो जो कुँए गहर हुए हैं 

बस एक बार उस किसान कि आँख भिगा दे

ए बादल तू झुमके सब जगह खुशिया फैला दे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Seema Kulthe

जान

जान

1 min पढ़ें

बादल

बादल

1 min पढ़ें

भ्रम

भ्रम

1 min पढ़ें

शिखर

शिखर

1 min पढ़ें

आँगन

आँगन

1 min पढ़ें

आग

आग

1 min पढ़ें

दोस्त

दोस्त

1 min पढ़ें