वो खिलेगा सोच के चुपके हँसता है दो फूल खिल रहे हैं आहिस्ते आहिस्ते...... वो खिलेगा सोच के चुपके हँसता है दो फूल खिल रहे हैं आहिस्ते आहिस्ते......
तेरी ही खातिर मेरी कसम है इंतजार तेरी दिल करता है......... तेरी ही खातिर मेरी कसम है इंतजार तेरी दिल करता है.........
मन तो मिट जाते ही दिल भी तुट जाते ही खोने की होती है आभास दिल से निकलते ही.... मन तो मिट जाते ही दिल भी तुट जाते ही खोने की होती है आभास दिल से निकलते...
धीरे धीरे हमारा प्यार अब बढ़ने लगा है हम चुपके चुपके रोज अब मिलने लगे है धीरे धीरे हमारा प्यार अब बढ़ने लगा है हम चुपके चुपके रोज अब मिलने लगे है
ऐसी ही रहना हँसते खिलना कभी खोना नहीं अपनी मुस्कान कहीं तुम्हे मेरी नजर ना लग जाये ऐसी ही रहना हँसते खिलना कभी खोना नहीं अपनी मुस्कान कहीं तुम्हे मेरी नजर...
में और मेरी साइकल ! कल आज और कल ! (रचनाको प्रास अनुरूप प्रस्तुत करनेके लिए “साईकिल” की जगह अनुभव करे... में और मेरी साइकल ! कल आज और कल ! (रचनाको प्रास अनुरूप प्रस्तुत करनेके लिए “साईक...