Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Amit Kori

Others

5.0  

Amit Kori

Others

आँखें

आँखें

2 mins
259


आँखों पर बदली छा जाए 

आँखें ही बरसाती है 

पत्थर दिल जो इनमें झाँके 

उनको भी पिघलाती है 


आँखें ही करती है बातें

आँखें ही करवाती है 

कह न पाये बात जुबान जो 

आँखें यूँ कह जाती है 


आँखों का यह खेल अज़ब है 

आँखों का यह मेल गज़ब है 

खुशियों को बरसाती है 

वरना बहुत रुलाती है 


सच का यही पिटारा है 

ढूँढ़ो तो मिल जाएगा 

झूठ बड़ा गहरा है इनमें 

धोख़ा दे के जाएगा 


भर जाती जब कह जाती सब 

इनमें न बेईमानी है 

चालाकी में लिपट गया जो

उसकी शामत आनी है


आँखें ही पढ़ती है दुनिया

तुमको भी समझाती है 

पढ़ न पाए इनको जो तो 

अनपढ़ तुम्हें बताती है 


उम्र ढली जो सूख गयी यह

धुँधलाती सकुचाती है 

कल की देखी दुनिया इनको 

आज बहुत रुलाती है 


आँख तनी तो ठाठ बड़ी है 

तुममें फिर कोई बात है 

आँख झुका ली तुमनें जो तो 

इसकी क्या औक़ात है


धुत्त पड़ी है कुछ आँखें तो 

मदिरा की परछायी में 

सच दिखता उनमें भी है पर 

बोतल की गहराई में 


उन आँखों की कोई न पूछे 

जिनके भीतर आग है 

कह-कह कर जो थक गए की 

उनमे भी कुछ बात है 


फ़िर आती है नन्ही आँखें 

इनमें न कोई पाप है 

दुनिया को जो समझ न पाए 

यह तो केवल पाक है 


शरमाती इतराती आँखें

इनमें गहरा राज़ है 

आँखों से जो घायल कर दे 

उनकी भी क्या बात है 


यहाँ-वहाँ मंडराती फिरती 

यह भी आँखों की ज़ात है 

भला किसी का कर न सके ये 

इनमें मतलब वाली बात है 


गुस्साती-चिल्लाती आँखें 

इनमे न कुछ ख़ास है 

यहाँ-वहाँ की दुनियादारी 

बेमतलब की बकवास है 


सीधी सहमी बेचारी सी 

आस की इनमें प्यास है 

इन आँखों में जज़्बात भरी है 

बस मदद की दरख्वास्त है


Rate this content
Log in