आगमन बसंत का
आगमन बसंत का
1 min
110
शुष्क से पतझड़ में दिखते जो
तरुवर
आगमन बसंत का
कर देता उन्हें हरित, पल्ल्वित
कमल पुष्प से हो जाते
आच्छादित सरोवर
थे जो कभी रिक्त बिना नीर...
नीरस मन हो उठते
आनंदित
बजती है वीणा की सरगम
नृत्य में रत, मन मयूर
आगमन बसंत का
कर देता उमंगित...
