उठ जाग धरा के सजग प्रहरी लक्ष्य बना बनाकर सिद्ध करो... उठ जाग धरा के सजग प्रहरी लक्ष्य बना बनाकर सिद्ध करो...
आम से खास बन जायगा योग कर, कार्य सिद्ध हो जायेगा योग कर।। आम से खास बन जायगा योग कर, कार्य सिद्ध हो जायेगा योग कर।।
सूँड़ सूँड़ाला, मुण्ड मुण्डाला गणपति गजानंद देव बलवाना। सूँड़ सूँड़ाला, मुण्ड मुण्डाला गणपति गजानंद देव बलवाना।
तो तुम मुर्दा हो अपनी ग़लतियों को गर तुमने हमेशा किसी कारण का जामा पहना दिया या मानने से इंकार... तो तुम मुर्दा हो अपनी ग़लतियों को गर तुमने हमेशा किसी कारण का जामा पहना दिया ...
जरा सी नजर हटी तो खेल खत्म। जरा सी नजर हटी तो खेल खत्म।
प्रेम, कितना स्वार्थ जगाता है? मुझे मैं और मेरे से परे कुछ भी समझ नहीं आता है, मैं हूँ, मुझ मे... प्रेम, कितना स्वार्थ जगाता है? मुझे मैं और मेरे से परे कुछ भी समझ नहीं आता है...