नारी के जीवन का दर्दनाक सार है इस कविता में... नारी के जीवन का दर्दनाक सार है इस कविता में...
तभी कानों में आवाज़ यह आई अभी कितना समय लगेगा, कानों को यह शब्द शूल की तरह भेद रहे थे, क्या करूँ म... तभी कानों में आवाज़ यह आई अभी कितना समय लगेगा, कानों को यह शब्द शूल की तरह भेद ...