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Minni Mishra

  Literary Colonel

होशियार घरनी

Abstract

उसके कपोल पर लेपते हुए खुशी से चिल्लाया, 'अरे..तू तो मेरी होशियार घरनी है।'

2    266 0

उजाले की ओर

Abstract

क्रोधाग्नि में जलता हुआ प्रकाश ने अपना विराट रूप धारण कर लिया।

2    198 2

बीज

Drama

बहू के सर पर हाथ रखते हुए और पोती की गलबहियां लगाते हुए बोली।

1    167 2

खैरात

Drama

जैसे, उसे कहीं से खतरे की घंटी की सुनाई पड़़ रही हो।

2    62 3

खुराक

Drama

ससुर के स्याह चेहरे एकाएक ऐसे खिल उठे मानो उन्हें सही खुराक मिल गई हो।

2    325 0

नीलकंठ

Drama

मोहनलाल पत्नी की नजरों में झांकते हुए बोले।

2    200 2

विधवा सास

Tragedy Inspirational

वहाँ आपको बहु के अलावा एक बहन भी बात करने को मिल जायेगी।

3    54 2

आशीर्वाद

Others

और कोई सामान अशुभ नहीं होता तो सुराही क्यूँ

2    208 0

रास्ता

Children Stories

बिना भौंके, आजकल रास्ता छोड़ने को कोई तैयार ही नहीं होता !

1    83 4

आस्तीन का सांप

Drama

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ये पश्चाताप के आँसू हैं या घड़ियाल के ?

2    88 4

सुपरस्टार

Tragedy

“ गुरु-शिष्य के संवाद को सुनकर, हारमोनियम से निकला स्वर— ‘साऽऽऽ....बहुत जोर से कराह उठा

2    191 2

झुक गया चाँद

Drama

उसकी आँखों से पश्चाताप पिघल कर बहने लगे।

2    200 0

कुछ मीठा सा

Romance

मुस्कुराते हुए वो बोले, "फूल ही तो है..जाओ इसके पकौड़े बनाओ। तुम फूल-उल के झूठे चक्कर

1    206 2

राधे के कृष्ण

Abstract

'अहंकारी मौत 'आज अपने-आप को बौना समझ, नतमस्तक हो गयी।

2    73 4

अहम्

Romance

जब प्यार का पलड़ा अहम् से भारी लगने लगे, तो घर लौट आना, तुम्हारी बहुत याद आती है।

2    75 3

पहली होली

Drama

कहते हुए राधा ने कटोरे का सारा गुलाल मेरे ऊपर उड़ेल दिया।

2    113 6

जिदंगी कैसी है पहेली

Drama

मेरा कुम्हलाया जीवन अपनों के सानिध्य में खिलखिला उठा।

8    87 2

खास दोस्त

Drama

कुछ आँसू उसके सुखी जीवन के लिए भी बनते थे।

3    127 5

*घर की राजनीति *

Others

इस बार अपनी सरकार बन गई तो, पक्का, मुख्यमंत्री की कुर्सी पर तुम्हीं को बिठाऊँगा

1    223 1

दागदार

Others

' शहर के प्रख्यात ब्यूटीपार्लर में पुलिस ने रामलखन सिंह को संदिग्ध हालत में पकड़ा । '

3    388 47

जेब की जुबानी

Others

" सच कहता हूँ, कल मुझे बहुत दुख हुआ था , जब वो बाजार में सामान लेने लगे। इतने में किसी

2    267 10

स्त्रीधन

Drama

उसके आँखों से आँसुओं की बूंदे मोती की तरह जमीन पर बिखरने लगी

2    360 9

गर्भपात

Inspirational

दृढ़ता से कहते हुए सफाईकर्मी ने अपनी दिशा बदल ली।

2    150 33

सार्थक जीवन

Drama

दिल की ख्वाहिशें वक्त के साथ रेत की तरह मुठ्ठी से बह चुका होता है

2    79 3

वेदना

Tragedy

“रामू , जा... फिर से स्टूल उठाकर तो ला...।दीपक बाबू ने जब नौकर को आदेश देते हुए कहा तो

1    280 50

राधे के कृष्ण

Drama

आज अपने-आप को बौना समझ, नतमस्तक हो गया।

2    229 8

बेटी पढ़ाओ

Others

इसलिए तो तुमसे कहती हूँ, दिल लगाकर पढ़ा कर

1    101 5

गंगाम्भ

Tragedy

मेरा जिस्म घायल हो चुका है, मैं मृतप्राय जीवन व्यतीत कर रही हूँ.

2    107 5

कीचड़ में कमल

Abstract

भूखे पेट कीचड़ में कमल नहींमुझे, धान की बालियाँ ही लुभाती है।

1    291 22

#विरह वेदना#

Drama

मोबाइल पर टपकी विरह वेदना के मोतियों को जयंत अपने रूमाल से पोंछने लगा।

2    462 45

आस्था का महापर्व

Inspirational

सभी व्रतों के पीछे हमारे संस्कार और हमारा स्वास्थ्य दोनों है

2    65 3

जिंदगी तेरे रंग अनेक

Drama

दहलीज को पार करते ही मेरा वीरान जीवन, अपनों के सानिध्य में खिलखिला उठा।

8    259 27

जिंदगी तेर रूप अनेक

Drama

बात को पुरा करते -करते आंटी के आँखों में सैलाब उमड़ पड़े। उनकी नजरें मुझ पर टिकी हुई थीं

8    93 3

गंगाम्भ

Drama

निस्तेज पड़ी गंगा, पिता का स्पर्श पाकर जीवंत... हो, पुनः कल- कल करने लगी।

2    438 37

ख़ास दोस्त

Inspirational

मेरा दोस्त पुरातन विचार धारा वाला है, मुझे मिला तो काफ़ी उदास था, नयी शादी हुई थी पर बीवी की लम्बाई क...

3    362 8

संतोष

Inspirational

अब तक वर्षा का पानी भी बंद हो चुका था। लोगों के चेहरे पर अप्रत्याशित ख़ुशी और संतोष देख, मेरा मन मयू...

2    451 5

राष्ट्रवाद

Others

दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड भारतीय राष्ट्रवाद का बेजोड़ प्रतीक है। यह प्रतीक सत्ता और शक्ति के स...

5    317 9

पत्थर का दूब

Drama

सौम्या, बेटा हो या बेटी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। सब अपने भाग्य से आते हैं, हम तो केवल माध्यम हैं। सच...

2    208 7

कौशिकी

Abstract

अचानक से जानी पहचानी आवाज सुनकर मैं चौंक गई , पीछे मुड़कर देखी, मेरे भाई खड़ा था , मैं बहुत खुश हो गई ...

3    544 10

धर्म

Abstract

मैं सिर्फ धार्मिक कहलाना पसंद करता हूँ।

2    415 6

स्टेटस

Drama

मीरा, स्टेटस को कभी बीच में मत आने देना, दिल की दूरियां बढ़ जाती है

2    212 4

प्रेम की भाषा

Classics

जब आपके पास सिर्फ़ वक्त ही वक्त रह जायेगा !

1    474 5

बुढ़ापा

Inspirational

हाथ काटकर नहीं, हाथ बचाकर संतान को पालना।

2    569 10

घर की राजनीति

Drama

अरे, मैं आपकी धरमपत्नी, आपके सुख-दुःख सब की भागीदार हूँ न। बेटवा, प्रकाश जे.एस.एस. पार्टी से खड़ा है...

1    259 6

अधूरा ख़्वाब

Tragedy

काश ! सबके मन की बात हो जाती तो दुनिया में कोई गरीब नहीं कहलाता !

4    470 8

नई उड़ान

Drama Inspirational

“बेटी..अब मुझसे ज्यादा जगह काम नहीं हो पाता..बस, यहीं कर लेती हूँ..वही ठीक है। यहाँ अपनापन लगता है।...

2    205 8

अकेलापन

Children Stories

मैं, इस कमरे में दिन भर बेकार पड़ा रहता हूँ। फ़ालतू सामान की तरह

2    362 6

वेदना

Drama

भगवान का लाख शुक्र है कि... वह अभी डगमगा नहीं रहा है।

1    204 4

पासा पलट गया

Drama

दिल करता है, चारों बच्चियों के साथ रेल की पटरी पर सो जाऊं!” कहते-कहते कमली फफक पड़ी।

2    358 16

स्त्रीधन

Inspirational

आपसे कितनी बार बोली, दिखावे पर मत जाइए। जीवन में संतुलन जरूरी है, जितना चादर हो, उतना ही पैर पसारिये...

3    599 38

होड़

Drama

लेखिका के हाथ में उनकी रचना थमाते हुए , लेखक महोदय हँसते-हँसते कुर्सी से उठ गये।

1    401 31

प्रेम की भाषा

Inspirational

मुरझाये पौधे एक-दूसरे को देखकर खिल उठे।

1    584 38

चमचे

Others

कभी कोई हमसे मतलब ही नहीं रहा हो, जहन्नुम में जाओ... अब, सड़ो-मरो

1    570 13

बुढ़ापा

Inspirational

सुनते ही... रामलाल की आँखें भक्क से खुल गई और खुली ही रह गई।

2    345 25

बाल सखा

Drama

औरत खोखले ख्वाबों में उड़ान भरने से ज्यादा .. अपने को महफ़ूज रखना अधिक पसंद करती है।

2    697 67

पत्थर का दूब

Drama

सौम्या की सहजता और सम्पूर्णता उसके चेहरे से साफ़ झलक रही थी । हमलोग तो निराश ही हो गये थे !

2    401 15

रोज डे

Romance

“क्या गिरा बहू ? पता नहीं गुस्से में दूध का बर्तन गिरा दी या चाय का ? आजकल की बेटी-बहू किचन का काम म...

2    234 9

आज कुछ मीठा सा

Comedy Drama

एक फूल के बदले, हजारों फूल मेरे चेहरे पर अनायास खिल गये।

1    554 30

मेहनत की रोटी

Inspirational

"जिंदगी का इम्तिहान है, हँस कर देने में ही भला है।" कहते हुए लड़का वहाँ से चल पड़ा।

2    392 15

स्त्रीधन

Drama Inspirational

स्त्रीधन...अब बिकने के लिए तैयार हो गया।

2    284 11

आज कुछ मीठा सा

Others

अनार के दाने मोतियों की तरह होठों पे निखर गई।

1    655 61

मिट्टी के दीये

Inspirational

“सुनो..सुनो..सुनो...कोर्ट का सख़्त आदेश है, बाजार में विदेशी चाइनीज समान की बिक्री बहुत तेजी से बढ़ ...

2    357 36

संचार और समाधान

Drama

मुझे बंटी का सुनहरा भविष्य अब यहीं से नजर आने लगा।

3    379 16

आस

Inspirational

“नहीं चाचा, ऐसी बात नहीं है। प्राइवेट नौकरी में छुट्टी भी कम मिलती है, उस पर से गाँव आने में बहुत मश...

1    241 9

जुआरी

Drama

उसी झुण्ड में ये दिखे | मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई | ऑफिस से घर लेट आने के... इनके हजार बहाने, अब स...

4    523 16