मिट्टी से दोस्ती
मिट्टी से दोस्ती
मैं बड़ी हो गई थी। खेलने का बहुत शौक था। बचपन में सभी दोस्त मिलकर हम खेलते थे। पर बड़े होते होते हैं सबके अपने-अपने शौक हो गए। अब तो बच्चों के पास फोन वीडियो गेम टीवी होता है। उन्हें देखकर मुझे अपने बचपन की बहुत याद आती है। हमारे जमाने में हम सब मिट्टी में गलियों में खूब खेलते थे। हमारे खेलने का एकमात्र जरिया मिट्टी था। आजकल के बच्चों को मिट्टी से एलर्जी हो जाती है। अगर कोई मिट्टी का हाथ भी लगा दे तो गुस्सा आ जाता है। हम थे जो सारा दिन मिट्टी में खेलते रहते थे। हमारी तो से मिट्टी से दोस्ती ही हो गई थी। मोबाइल की वजह से सभी बच्चे प्राकृतिक खेलों से अनजान है। मोंटी सारा दिन मोबाइल में लगा रहता है। ना किसी के साथ बोलता किसी से खेलता और ना ही घर से बाहर जाता हूं चुपचाप एक कमरे में बैठा रहता था। उसके बचपन में ही चश्मा लग गई अभी वह 10 साल का था कि उसे दिखाई देना भी कम हो गया। इसकी वजह सिर्फ मोबाइल था। मैं 1 मिनट में मोबाइल को नहीं छोड़ता था। ना कभी उसके परिवार वालों ने उस पर ध्यान इस बात पर ध्यान दिया। सभी को लगता था पता नहीं बच्चे को क्या हो गया। सभी को चिंता होती रहती थी। मैंने पूछा क्या हुआ तो उन्होंने बताया क्या बताएं अभी से चश्मा लग गया और इसका सर अरे सर बहुत दर्द करता रहता है। बोलता है और ना ही कुछ कुछ करता है। मैंने बोला इसे कुछ देर घर से बाहर भेज दिया करो तो कहते नहीं नहीं ऐसा नहीं कर सकते हमारे बच्चे को तो मिट्टी से एलर्जी है। मैंने कहा मिट्टी से एलर्जी तो अब होने लगी है पहले तो हमें तो नहीं होती थी तभी अभी तक हम अच्छे हैं स्वस्थ रहते हैं। मैंने कहा मिट्टी में खेलने से एलर्जी नहीं होती। तनाव खत्म होता है बच्चे को बाहर गली में खेलने देना चाहिए क्या पता यह सही हो जाए। एक बार मेरी बात मान लो उन्होंने कहा ठीक है देखेंगे। फिर मैंने मोंटी को अपने साथ लिया और गली में ले गई वहां बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे तो मैंने कहा हम भी खेलेंगे हम सभी मिलकर खेलेंगे। और सारे गेम खेल खेले। हम सारे मिट्टी में सन चुके थे। मोंटी अब खुश था वह बहुत दिनों बाद बहुत अच्छा महसूस कर रहा था। वह कहने लगा मुझे तो कुछ भी नहीं हुआ मिट्टी में खेलने से मैंने कहा अगर तुम रोज मिट्टी से खेलोगे तुम्हारी दोस्त बन जाएगी। उसने कहा सच मिट्टी दोस्त बनती है मैंने कहा एक बार तुम इसके साथ खेला तो शुरू करो यह तुम्हारी हमेशा के लिए दोस्त बन जाएगी, उसने कहा ठीक है अब से मैं मिट्टी के साथ ही खेलूंगा। वह रोज खेलने लगा उसके घर वाले उसे देख हैरान की अब इतना खुश कैसे रहने लगा। तभी मैंने कहा इसका नया दोस्त को उसके नई दोस्त बनी है तो उन्होंने पूछा कौन है यह दोस्त मैंने काम मिट्टी। मिट्टी से एलर्जी तब तक है जब तक हम उससे दूर है और मोंटी इसका दोस्त बन गया है अब इसे एलर्जी नहीं है और बिल्कुल खुश है आप जैसे मोबाइल की जरूरत नहीं पड़ेगी। बहुत खुश हुए।
