Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
हस्ताक्षर
हस्ताक्षर
★★★★★

© Arpan Kumar

Others

1 Minutes   6.9K    4


Content Ranking

 

हम बदलते हैं 

वक़्त के साथ 

वक़्त के हाथों

बदलता है 

हमारा अपना हस्ताक्षर

बैंककर्मी हमें कम 

हमारे हस्ताक्षर को अधिक देखते हैं

जब हम नहीं कर पाते 

कोई लेन देन

या बाधा आने लगती है उसमें

कभी अपनी उँगलियों को देखते हैं

तो कभी अपने हस्ताक्षर को 

जूझते हैं हम अपने आप से 

हम वही रहते हैं

और हमारी पहचान

भटक जाती है कहीं

हम घबरा जाते हैं 

ख़ुद की पहचान के लिऐ

मगज़मारी बढ़ जाती है

कोरे कागज़ कई

काले कर डालते हैं

एक अदद हस्ताक्षर के लिऐ

मगर हमारा मूल हस्ताक्षर 

हमें वापस नहीं मिलता

जैसे हम

दूर दूर छिटके रहते हैं

अपने मूल निवास से 

 

हम भूल जाते हैं 

पहचान का संकट

गहराने लगा था 

तब से ही 

जब हमने पहली बार 

अपनी देहरी लाँघी थी ।

 

 

वर्तमान समय में गहराता पहचान का संकट

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..