Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
भक्ति रचना
भक्ति रचना
★★★★★

© Dr. Prakhar Dixit

Drama

1 Minutes   7.1K    8


Content Ranking

मन बसिया तू मतवारो कान्ह उरझी पैंजनि नेक सुरझाय दे।

लला देखन दै सिर मोर मुकुट मोय चटक चुनरिया पहराय दै।।

बडो ढीट कन्हैया रार करै तेरी मोहनी जादू करि गयी रे!

मैं रास में तबहिं आऊँ मोहन जब हँसुली कंगन तू गढवाय दे।।


तू भोरी गोरी बृज छोरी मधुमय रस की गगरी हौ।

रूप अनूप दिव्य मृगनयनी प्रेमसिक्त रस सिगरी हो।।

कंगन हँसुली बेंदा तिलरी नथुनी कुंडल रूचे अनंग,

तुम आधे राधे श्यामल तुम नेह नदिया की कगरी हो।।




Devotional Krishna Radha

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..