Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
ग़ज़ल
ग़ज़ल
★★★★★

© Rominder Thethi

Others

1 Minutes   7.1K    279


Content Ranking

मेरी ज़िन्दगी से गर्म हवाओं की गुज़र रहती है सदा

खुला मिले मेरा दर ग़मों की नज़र रहती है सदा

 

चला जाऊँ कहीं नाकामियाँ चली आऐं वही

जैसे उन्हें पल पल की ख़बर रहती है सदा

 

रात भर तारों के संग बातें किया करता हूँ

मेरी नींद परेशानियों के घर रहती है सदा

 

मुद्दतों से इस उम्मीद पर जिये जा रहा हूँ

क्यों के सुना था रात ना सहर रहती है सदा

 

ग़म के मारों को तू भी आज़माता है क्या

क्यों मेरी दुआ बेअसर रहती है सदा

 

 

जीवन

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..