रंगमंच असल जिंदगी का
रंगमंच असल जिंदगी का
1 min
5.4K
दोस्तों,
हॅसने की इच्छा ना हो
तो भी हँसना पड़ता है
जब कोई पूछे कैसे हो
तो मजे में हूँ कहना पड़ता है
फटेहाल हो हम चाहे कितने
शिकन की चादर हटानी पडती हैं
आर्थिक तंगी से जूझने पर भी
जेब से पैसा ढीला करना पड़ता है
शरीर चाहे साथ दे य ना दे
नौकरी पर फिर भी जाना पड़ता है
माइंडसैट, सैट हो चाहे न हो
घर में सोफासेट लगाना पड़ता है
ये जिदंगी का रंगमंच है दोस्तों
यहाँ हर एक को नाटक करना पड़ता है
