STORYMIRROR

Sunita Anabhule

Others

4  

Sunita Anabhule

Others

श्रीरंग

श्रीरंग

1 min
431

प्रीत बहरली प्रीत,

प्रीत फुलली मीत

मित खुलवी रंग,

रंग झुलवी अंग ।।


अंग चोरूनी श्रीरंग

श्रीरंग लावूनी रंग,

रंग राधेसी भुलवी,

भुलवी तनू अभंग ।।


अभंग करी निःसंग,

निःसंग होऊनी संग,

संग भुलवुनी गंध,

गंध दे प्रीत सुगंध ।।


सुगंध मोहवी मन,

मन सोडवी प्राक्तन,

प्राक्तन घडवी भविष्य,

भविष्य भुलवी प्रीत ।।


Rate this content
Log in